नीम से पिंपल्स का इलाज कैसे करें?

May 20, 2025 | Dr Shalini

“सब कुछ ट्राय कर लिया… फिर भी पिंपल्स नहीं जा रहे।”

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कभी आप भी ऐसा सोचते हैं?

महंगे फेसवॉश, क्लीनअप्स, रात भर क्रीम लगाना — लेकिन सुबह उठते ही नया पिंपल?
यही कारण है कि अब लोग दोबारा लौट रहे हैं अपने दादी-नानी के नुस्खों की ओर। और उनमें सबसे असरदार है — नीम

जिस नीम के पेड़ को पहले “कड़वा” मानकर नजरअंदाज़ कर दिया जाता था, आज वही बन चुका है एक anti-acne superleaf — वैज्ञानिकों और आयुर्वेदाचार्यों दोनों की पसंद।

इस लेख में हम जानेंगे — नीम से पिंपल्स का इलाज कैसे करें?
कौन-कौन से तरीक़े असरदार हैं, और किन बातों का रखना है ध्यान।

🌿 नीम पिंपल्स पर कैसे असर करता है?

नीम को यूँ ही “प्राकृतिक एंटीबायोटिक” नहीं कहा जाता।

ये केवल दादी माँ का देसी नुस्खा नहीं, बल्कि science-backed superleaf है जो पिंपल्स को 3 तरीकों से जड़ से ठीक करता है:

🧪 वैज्ञानिक दृष्टिकोण:

  • नीम में Azadirachtin, Nimbin, और Quercetin जैसे यौगिक पाए जाते हैं
  • ये बैक्टीरिया को नष्ट करते हैं, सूजन कम करते हैं, और त्वचा की मरम्मत करते हैं
  • 2020 की dermatology review में नीम को “effective alternative for mild to moderate acne” माना गया

🧘‍♀️ आयुर्वेदिक दृष्टिकोण:

“नीम रक्त शुद्धि करता है, पित्त दोष शांत करता है और त्वचा को शीतलता देता है।”
  • नीम कषाय (कड़वा) और शीतल वीर्य औषध माना गया है
  • यह रक्तदोष और पित्त प्रकोप को संतुलित करता है
  • इसका उपयोग बाहरी और आंतरिक दोनों रूपों में किया जाता है

👉 अब जब नीम की शक्ति को आप जान चुके हैं —
आइए जानें कि इसे कैसे इस्तेमाल करें, वो भी आसान घरेलू तरीकों से।

🌿 नीम के 3 असरदार घरेलू प्रयोग – पिंपल्स के लिए

🧪 1. नीम-तुलसी फेसपैक

नीम और तुलसी — दोनों ही एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और स्किन-प्योरिफाइंग हैं।

  • सामग्री: 5–6 नीम की पत्तियाँ, 5 तुलसी की पत्तियाँ, 1 चम्मच गुलाब जल
  • तरीका: पत्तियाँ पीसकर पेस्ट बनाएं, 15 मिनट चेहरे पर लगाएं, हफ्ते में 2–3 बार
  • असर: रोमछिद्रों की सफाई, सूजन में राहत, बैक्टीरिया से सुरक्षा

💧 2. नीम का पानी (face rinse / toner)

नीम का पानी एक gentle लेकिन असरदार तरीका है पिंपल्स को रोकने का।

  • सामग्री: 10–15 नीम की पत्तियाँ, 1 गिलास पानी
  • तरीका: उबालें, ठंडा करें, छानें और दिन में 2 बार रूई से लगाएं या spray करें
  • असर: redness और oiliness कम होती है

☕ 3. नीम का सेवन (आंतरिक शुद्धि)

नीम को अंदर से लेना रक्त और पाचन की शुद्धि करता है — जो पिंपल्स की जड़ है।

  • विकल्प: 1–2 सूखी पत्तियाँ सुबह चबाएं, या नीम की गोली/चूर्ण लें
  • सावधानी: गर्भवती महिलाएं, गैस/पित्त वालों को सेवन से पहले वैद्य की सलाह लें
  • असर: अंदर से detox → बाहर से साफ त्वचा

⏰ नीम का सही इस्तेमाल – कब, कैसे और कितनी बार?

नीम असरदार तभी होता है जब उसे सही तरीके और समय पर इस्तेमाल किया जाए। नीचे दी गई टेबल से समझें:

उपयोग कब करें? कितनी बार करें? किसके लिए उपयुक्त? सावधानी
नीम-तुलसी फेसपैक रात को सोने से पहले या नहाने से 1 घंटा पहले हफ्ते में 2–3 बार ऑयली और नॉर्मल स्किन ड्राई स्किन वाले गुलाब जल की जगह शहद मिलाएं
नीम का पानी (Face rinse) सुबह और शाम, फेसवॉश के बाद रोज़ हर स्किन टाइप बहुत ठंडा न करें, हमेशा ताज़ा बनाएं
नीम का सेवन सुबह खाली पेट हफ्ते में 3–4 दिन 18+ उम्र, पाचन ठीक हो तो गर्भवती महिलाएं या गैस की समस्या वाले परहेज करें

👉 सुझाव: कोई भी नया उपाय शुरू करने से पहले पैच टेस्ट करें। अगर जलन, खुजली या अधिक dryness लगे — तो उपाय को रोक दें या frequency कम करें।

❓ नीम और पिंपल्स से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या नीम पिंपल्स के दाग मिटा सकता है?

हाँ, नीम में anti-inflammatory और healing गुण होते हैं जो दाग हल्के करने में मदद करते हैं। लेकिन नियमित उपयोग (2–3 महीने) ज़रूरी है।

नीम कितनी बार लगाना चाहिए चेहरे पर?

नीम फेसपैक हफ्ते में 2–3 बार और नीम का पानी रोज़ उपयोग कर सकते हैं। ज़्यादा बार लगाने से स्किन ड्राई हो सकती है।

क्या नीम हर स्किन टाइप के लिए सुरक्षित है?

जी हाँ, लेकिन ड्राई स्किन वालों को नीम में थोड़ा शहद या एलोवेरा मिलाना चाहिए ताकि त्वचा ज्यादा सूखी न हो। Sensitive skin पर पहले patch test करें।

क्या नीम खाने से पिंपल्स ठीक होते हैं?

हाँ, नीम का सेवन शरीर के अंदर से रक्त शुद्ध करता है, जो पिंपल्स की मूल वजह होती है। लेकिन इसे सीमित मात्रा में और खाली पेट ही लें।

क्या नीम के कोई side effects भी होते हैं?

बहुत अधिक सेवन या संवेदनशील त्वचा पर नीम irritation कर सकता है। गर्भवती महिलाओं और जिनको पित्त या गैस की समस्या हो, उन्हें परहेज करना चाहिए।

🧠 निष्कर्ष

नीम कोई नया नुस्खा नहीं — यह एक आज़माया हुआ शुद्धिकरण सूत्र है।

अगर आप chemical-heavy solutions से थक चुके हैं, तो अब समय है शरीर और त्वचा को detox करने का — नीम के साथ

लेकिन याद रखें: नीम तभी असर करता है जब:

  • आप उसे नियमित उपयोग में लाते हैं
  • अपने खानपान और दिनचर्या को संतुलित करते हैं
  • बाहरी + आंतरिक दोनों स्तरों पर ध्यान देते हैं

📣 अब आपकी बारी

👇 आपको इन उपायों में से कौन-सा सबसे असरदार लगा?
या आपने नीम से पिंपल्स ठीक किया है कभी?
अपना अनुभव comment में ज़रूर साझा करें — और इस पोस्ट को किसी ऐसे दोस्त से share करें जिसे chemical से राहत नहीं मिली।


⚠️ Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। नीम के उपयोग से पहले अपनी त्वचा की प्रकृति को समझें और यदि कोई स्किन रिएक्शन हो तो तुरंत उपयोग बंद करें।
गर्भवती महिलाओं, बच्चों और रोगियों को नीम के सेवन से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

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About the author
Dr Shalini
डॉ. शालिनी एक नैचुरोपैथ और घरेलू नुस्खों की विशेषज्ञ हैं। वे 22+ वर्षों से महिला स्वास्थ्य, त्वचा देखभाल और प्राकृतिक उपचार कर रही हैं — रसायन-मुक्त और विज्ञान-संगत तरीके से।

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